Dilli Ke Dramebaaz - Aane Bhi Do Yaro

Dilli Ke Dramebaaz – Aane Bhi Do Yaro

दिल्ली के ड्रामेबाज़ - आने भी दो यारो

असर उसको ज़रा नहीं होता
रंज राह्तफ़ज़ा नहीं होता

तुम हमारे किसी तरह न हुए
वरना दुनिया में क्या नहीं होता

नारसाई से दम रुके तो रुके
मैं किसी से ख़फ़ा नहीं होता

तुम मेरे पास होते हो गोया
जब कोई दूसरा नहीं होता

हाल-ए-दिल यार को लिखूं क्यूं कर
हाथ दिल से जुदा नहीं होता

दामन उसका जो है दराज़ तो हो
दस्ते आशिक़ रसा नहीं होता

किसको है ज़ौक़-ए-तल्ख़्कामी लैक
जंग बिन कुछ मज़ा नहीं होता

चारा-ए-दिल सिवाए सब्र नहीं
सो तुम्हारे सिवा नहीं होता

क्यों सुने अर्ज़-ए-मुज़्तर ऐ मोमिन
सनम आख़िर ख़ुदा नहीं होता
– (मोमिन ख़ां मोमिन)

13. October 2009, 01:50 details & comments (1) Posted in: People Tagged with: , The permalink address (URI) of this photo is: http://kaustubh.in/2009/10/aane-bhi-do-yaro-dilli-ke-dramebaaz/